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Last Updated : 05-09-2020

विश्व कौशल

विश्‍व कौशल अंतर्राष्‍ट्रीय ओलंपिक्‍स संघ जैसा एक सदस्‍य संगठन है जिसके 80 सदस्‍य देश हैं। यह लाभ न कमाने वाले संगठन के रूप में नीदरलैंड में पंजीकृत है। इसे 1947 में स्‍पेन में प्रारंभ किया गया था। यह एक महासभा, जिसमें प्रत्‍येक सदस्‍य देश के 2 प्रतिनिधि होते हैं द्वारा शासित है। विश्‍व कौशल अंतर्राष्‍ट्रीय 8 सदस्‍यों वाले निदेशक मंडल, जिसका अध्‍यक्ष यूके का साइमन बार्टले है, के माध्‍यम से कार्य करता है और इसके सचिवालय का अध्‍यक्ष सीईओ- डेविड होए है।

विश्‍व कौशल प्रतियोगिता विश्‍व की सबसे बड़ी प्रतियोगिता है जिसका आयोजन डब्‍ल्यूएसआई सदस्‍य देशों में प्रत्‍येक 2 वर्षों में एक बार किया जाता है। यह प्रतियोगिताएं उच्‍च निष्‍पादन के मानदंड और व्‍यावसायिक दक्षता आकलन के उद्देश्‍य निर्धारित करते हैं। इसका उद्देश्‍य 6 प्रकार के कौशलों के अंतर्गत 50 से‍ अधिक कौशलों में विश्‍व स्‍तरीय मानकों को प्रोत्‍साहित करना है:

  1. निर्माण और भवन प्रौद्योगिकी
  2. परिवहन और संभारतंत्र
  3. विनिर्माण और इंजीनियरी प्रौद्योगिकी
  4. सूचना और संचार प्रौद्योगिकी
  5. रचनात्‍मक कला और फैशन
  6. सामाजिक और व्‍यक्तिगत सेवाएं

23 वर्ष से कम आयु के 1000 से अधिक प्रतियोगियों ने परीक्षण परियोजना पर 4 दिन (16-22 घंटे) कार्य करके भाग लिया जो समसामयिक उद्योग मानकों और अवसंरचना पर आधारित है। यह प्रतियोगिता विश्‍व भर में युवाओं में कौशलों के ओलंपिक खेलों के समकक्ष हैं।

भारत 2007 से इसका सदस्‍य है। एनएसडीसी ने 2010 में इसकी सदस्‍यता ग्रहण की और 2016 में यह सदस्‍यता एमएसडीई को अंतरित कर दी गई। भारत ने 2013 में जर्मनी में 3 पदक जीते और 2015 में साउपाउलो में 8 पदक जीते। सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन आबू धाबी में आयोजित विश्‍व कौशल 2017 में रहा जिसमें भारत ने 2 पदक और 9 बड़े पदक प्राप्त किए तथा भाग लेने वाले सभी राष्‍ट्रों में उसका 19वां स्‍थान रहा।

प्रत्‍येक प्रतियोगी की सहायता के लिए एक प्रशिक्षक (विशेषज्ञ) और एक साथी होता है, जो टोयटा, टाटा मोटर्स, मारूति, महिंद्रा, एप्‍टेक जैसे कार्पोरेट या एनटीटीएफ, जीटीटीआई कोयम्बटूर जैसे प्रशिक्षण संस्‍थान या ईंट और टाइल लगाने जैसे ट्रेडों के लिए क्रेडाई जैसे संघ हो सकते हैं।

विश्व कौशल, कज़ान 2019

विश्व कौशल कज़ान 2019 के लिए टीम इंडिया का चयन जनवरी 2018 में शुरू हुआ, जिसमें विश्व कौशल और भारत कौशल प्रतियोगिताओं के लिए दिशानिर्देशों का निर्धारण किया गया था। मार्च और अप्रैल 2018 के बीच 500 से अधिक जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें 22 से अधिक राज्यों ने सहयोग किया और इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं ने जयपुर, लखनऊ, बैंगलोर और भुवनेश्वर में आयोजित चार क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया।

टीम इंडिया में देश भर के प्रतिभागी शामिल हैं। जिनमें से 70%, टीयर 2 और टीयर 3 शहरों से आते हैं और 10 अलग-अलग भाषाएँ बोल सकते हैं। इन प्रतियोगियों में से अधिकांश बहुत सादगीपूर्ण पृष्ठभूमि से आते हैं और 35% के माता-पिता या तो कृषि क्षेत्र में कार्यरत हैं या दैनिक मजदूरी करके जीवनयापन कर रहे हैं।

विश्व कौशल कजान, 2019 की टीम इंडिया का विदाई समारोह
                   विश्व कौशल कजान, 2019 की टीम इंडिया का विदाई समारोह

 

वैश्विक स्तर पर भारत के लिए गौरव का मार्ग प्रशस्त करते हुए 47 सदस्यीय भारतीय टीम ने रूस के कज़ान में 45वीं विश्व कौशल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 2019 में 43 कौशलों में प्रतिस्पर्धा करके 19 पदक जिनमें एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक सहित उत्कृष्टता पदक जीतकर वापसी की। 63 देशों और क्षेत्रों के 1,350 से अधिक प्रतियोगियों ने विश्व कौशल कज़ान 2019 में 56 कौशल प्रतिस्पर्धा में भाग लिया और प्रतिष्ठित पदक जीते। हम सभी भाग लेने वाले देशों में 13 वें स्थान पर हैं, जो पिछली बार से कई पायदान ऊपर है, पिछली बार भारत आबूधाबी में 44वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता 2017 में 11 पदक जीतकर 19वें स्थान पर रहा था।

सम्मान समारोह
     22 अगस्त से 27 अगस्त 2019 तक रूस के कज़ान में आयोजित
                     45वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए सम्मान समारोह
पदक विजेता
                    विश्व कौशल कज़ान, 2019 में टीम इंडिया के पदक विजेता

इसके अलावा, डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, माननीय एसडीई मंत्री ने रूस के कज़ान में विश्व कौशल प्रतियोगिता 2019 के दौरान आयोजित मंत्रियों के शिखर सम्मेलन में राष्ट्रों से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाएं।

मंत्रियों के शिखर सम्मेलन
    डॉ महेंद्र नाथ पांडेय, माननीय एसडीई मंत्री, विश्व कौशल प्रतियोगिता कज़ान, 2019
                      के दौरान आयोजित मंत्रियों के शिखर सम्मेलन में संबोधित करते हुए।