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Last Updated : 06-07-2020

प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी)

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एएसडीई) के तत्वावधान में, प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीगीटी), देश भर में दीर्घकालिक व्यावसायिक प्रशिक्षण के विकास और समन्वय के लिए शीर्ष संगठन है। इसमें, राज्यों में स्थित लगभग 15,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) (सरकारी और निजी); 33 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई)/राष्ट्रीय महिला कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई-ड्ब्ल्यू) और अन्य केंद्रीय संस्थानों का नेटवर्क शामिल है। इस नेटवर्क के माध्यम से प्रति वर्ष लगभग 24 लाख छात्रों, प्रशिक्षकों और उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए बिल्डिंग ब्लॉक - औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान - विशेषज्ञता के विभिन्न स्तरों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में कुशल श्रम शक्ति प्रदान करके अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रशिक्षण महानिदेशालय इस प्रोद्योगिकीय युग में देश भर के युवाओं को सहायता प्रदान करने के लिए प्रयासरत है और साथ ही साथ उनके डिजिटल कौशलीकरण और उद्योग के लिए तैयारी सुनिश्चित कर रहा है।

डीजीटी के प्रमुख कार्य हैं:

  • व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए समग्र नीतियां, मानदंड और मानक तैयार करना।
  • शिल्पकार और शिल्प अनुदेशक प्रशिक्षण के संदर्भ में प्रशिक्षण सुविधाओं में विविधता लाना, अद्यतन करना और विस्तार करना।
  • विशेष रूप से स्थापित प्रशिक्षण संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण और अनुसंधान को व्यवस्थित और संचालित करना।
  • शिक्षुता अधिनियम, 1961 के तहत शिक्षुओं का प्रशिक्षण कार्यान्वित, विनियमित करना और उसके दायरे को बढ़ाना।
  • महिलाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
  • व्यावसायिक मार्गदर्शन और रोजगार परामर्श प्रदान करना।
  • अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों और दिव्यांग व्यक्तियों को वेतन रोजगार और स्व-रोजगार के लिए उनकी क्षमताओं में वृद्धि करके सहायता करना।


अधिक जानकारी के लिए कृपया https://dgt.gov.in/About_DGTदेखें।