Megamenu

स्कूली पहलें तथा उच्चतर शिक्षा

स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में एनएसडीसी ने अपने कदम बढ़ाते हुए 2 नए राज्यों आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को अपने प्रयास में शामिल कर लिया है। 28 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में उसकी पहुंच हो गई है तथा स्कूलों की कुल संख्या 9,182 है। एनएसडीसी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ मिलकर स्कूलों में कौशल प्रशिक्षण का मॉडल कार्यान्वित करने के लिए शिक्षा का पुनर्गठन किया है, जिसमें 4 वर्षीय (9वीं कक्षा में प्रवेश लेकर 12वीं कक्षा में निकास) शिक्षा मॉडल के स्थान पर 2 वर्षीय (कक्षा 9 में प्रवेश तथा 10वीं में निकास तथा 11वीं कक्षा में प्रवेश तथा 12वीं कक्षा में निकास) शिक्षा मॉडल रखा गया है। स्कूलों में पढ़ाई के लिए 21 सेक्टरों में 73 जॉब रोलों को एनएसक्यूएफ के स्तर 2 से 4 पर रखा गया है। एनएसडीसी ने दिल्ली पब्लिक स्कूल को भी कौशल विकास पाठ्यक्रमों के लिए चुना है। एनएसडीसी ने कुंस्कैप्सकॉलन (स्वीडन का बहु-राष्ट्रीय स्कूली शिक्षा संगठन) के साथ भागीदारी की है और मानव रचना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को भारत में कौशल शिक्षा और शिक्षण केंद्र के रूप में चुना है। एनएसडीसी हरियाणा में 3 सेक्टरों – सौंदर्य और स्वास्थ्य, आईटी-आईटीज तथा खुदरा में 100 स्कूलों में एक प्रायोगिक परियोजना चला रहा है। हरियाणा के 5 जिलों के 5 स्कूलों में आदर्श आईटी प्रयोगशालाएं विकसित की गई हैं। हमने 5 राज्यों अर्थात पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में शिक्षा विभाग के साथ मिलकर जॉब मेले आयोजित किए हैं, जिसके माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान करके छात्रों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एनएसडीसी अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के साथ मिलकर पीएमकेवीवाई – टीआई (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना – तकनीकी संस्थान) महत्वकांक्षी पहलों का कार्यान्वयन कर रहा है। एआईसीटीई द्वारा विभिन्न कॉलेजों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्रथम चरण में 28,204 एसएससी-जॉब रोलों में प्रशिक्षण पूरा किया तथा 2018-19 में इस स्कीम के दूसरे चरण में 1577 कॉलेजों में 1,71,879 महत्वकांक्षी प्रशिक्षण लक्ष्य का आबंटन प्राप्त किया। एनएसडीसी ने नियमित सामान्य स्नातकों/पूर्व स्नातकों के लिए शिक्षुता मॉडल विकसित करने में उच्च शिक्षा विभाग, एमएचआरडी, भारत सरकार के साथ मिलकर कार्य आरंभ किया है। मौजूदा स्नातकों के लिए शिक्षुता पहल के अंतर्गत मई 2019 से चयनित जॉब रोलों में वर्तमान स्नातकों के लिए शिक्षुता अवसर उपलब्ध कराए गए थे। आरंभ में 9 सेक्टरों तथा लगभग 100 जॉब रोलों को प्रथम चरण के लिए चुना गया है। इससे सामान्य स्नातकों की नियोजनीयता में अत्यधिक वृद्धि होगी, क्योंकि उनके पास स्नातक करने के साथ-साथ शॉप-फ्लोर का व्यावसायिक अनुभव भी होगा। इस पूरी परियोजना का वित्त-पोषण एनएपीएस के माध्यम से होगा। एनएसडीसी बीवीओसी कार्यक्रम के पुनर्गठन के लिए एमएचआरडी के साथ मिलकर काम कर रहा है और एक नया डिग्री कार्यक्रम, जिसमें शिक्षुता एक अनिवार्य तत्व होगा, की शुरूआत कर रहा है। बीवीओसी तथा डिग्री कार्यक्रमों में शिक्षुता अनिवार्य अंग है और इसका प्रायोगिक चरण 2019-20 के शैक्षिक वर्ष से शुरू किया गया। इसे एनएपीएस के अंतर्गत 3 सेक्टरों तथा 20 कॉलेजों में शुरू किया गया।